इस पोस्ट में कक्षा 8 विज्ञान के अध्याय “विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव” के सभी महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर, अभ्यास प्रश्न, आंतरिक प्रश्न तथा व्याख्यात्मक उत्तर दिए गए हैं।
यह सामग्री न्यू एन.सी.ई.आर.टी. पुस्तक के आधार पर तैयार की गई है, जो परीक्षा की तैयारी, स्कूल टेस्ट, यूनिट टेस्ट तथा वार्षिक परीक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी है।
इस अध्याय में आप सीखेंगे:
✔ विद्युत चालन क्या है
✔ चालक और कुचालक
✔ विद्युतलेपन (Electroplating)
✔ शुद्ध जल और वर्षा जल का परीक्षण
✔ लाइनमैन सुरक्षा कारण
✔ कॉपर का शोधन
✔ वस्तुओं पर क्रोमियम लेपन
यदि आप कक्षा 8 के विद्यार्थी हैं या परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह पोस्ट आपके लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होगी।
11. विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव
स्मरणीय तथ्य
❖ कुछ द्रव विद्युत के सुचालक हैं तथा कुछ हीन चालक हैं।
❖ विद्युत चालन करने वाले अधिकांश द्रव अम्लों, क्षारकों तथा लवणों के विलयन होते हैं।
❖ किसी चालक द्रव में विद्युत धारा प्रवाहित होने पर रासायनिक अभिक्रियाएँ होती हैं। इसे विद्युत धारा का रासायनिक प्रभाव कहते हैं।
❖ विद्युत धारा द्वारा किसी पदार्थ पर वांछित धातु की परत निक्षेपित करने की प्रक्रिया को विद्युतलेपन कहते हैं।
पाठ्य पुस्तक के आंतरिक प्रश्न
प्रश्न 1. क्या हर अवस्था में वायु विद्युत की हीन चालक होती है?
उत्तर— नहीं, हर अवस्था में वायु विद्युत की हीन चालक नहीं होती है।
तड़ित के समय यह विद्युत की चालक बन जाती है।
प्रश्न 2. क्या हीन चालकों की श्रेणी में रखे अन्य पदार्थ भी विशेष परिस्थितियों में अपने में से विद्युत को प्रवाहित होने देते हैं?
उत्तर— हाँ, हीन चालकों की श्रेणी में रखे अन्य पदार्थ भी विशेष परिस्थितियों में अपने में से विद्युत को प्रवाहित होने देते हैं।
प्रश्न 3. विद्युतलेपन (electroplating) के क्रियाकलाप को करने के पश्चात इलेक्ट्रोडों को आपस में बदलकर क्रियाकलाप को दोहराने पर क्या प्रेक्षण प्राप्त होंगे?
उत्तर— विद्युतलेपन की प्रक्रिया में हम जानते हैं कि कॉपर ऋण ध्रुव पर एकत्रित होता है। अतः जिस धातु पर परत चढ़ाते हैं वह ऋण ध्रुव पर ही संयोगित की जाती है। इलेक्ट्रोडों को आपस में बदलकर क्रियाकलाप को दोहराने पर विद्युतलेपन की क्रिया प्रभावित होगी तथा जिस धातु पर विद्युतलेपन करना है वहाँ संपन्न नहीं होगी।
पाठ्य पुस्तक के अभ्यास
प्रश्न 1. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :
(a) विद्युत चालन करने वाले अधिकांश द्रव .......... तथा .......... विलयन होते हैं।
(b) किसी विलयन से विद्युतधारा प्रवाहित होने पर .......... प्रभाव उत्पन्न होता है।
(c) यदि कॉपर सल्फेट विलयन से विद्युत धारा प्रवाहित की जाए तो कॉपर बैटरी के .......... टर्मिनल से संयोजित प्लेट पर विश्लेषित होता है।
(d) विद्युतधारा द्वारा किसी पदार्थ पर वांछित धातु की परत निक्षेपित करने की प्रक्रिया को .......... कहते हैं।
उत्तर—
(a) अम्लों, क्षारकों, लवणों;
(b) रासायनिक
(c) ऋण
(d) विद्युत लेपन।
प्रश्न 2. जब किसी संपरिक्षक (tester) के स्वतंत्र सिरों को किसी विलयन में डुबोते हैं तो चुंबकीय सुई विचलित होती है। क्या आप ऐसा होने के कारण की व्याख्या कर सकते हैं?
उत्तर— संपरिक्षक के स्वतंत्र सिरों को किसी विलयन में डुबोते हैं तो विलयन में विद्युतधारा प्रवाहित होती है। विलयन में विद्युतधारा के प्रवाहित होने के कारण चुंबकीय सुई विचलित होती है।
प्रश्न 3. ऐसे तीन द्रवों के नाम लिखिए जिनका परीक्षण चित्र में दर्शाए अनुसार करने पर चुंबकीय सुई विचलित हो सके।
उत्तर—
(1) नींबू का रस
(2) नमक का विलयन
(3) कॉपर सल्फेट का विलयन
प्रश्न 4. चित्र में दर्शाई गई व्यवस्था में बल्ब नहीं जलता। क्या आप संभावित कारणों की सूची बना सकते हैं? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।
उत्तर— चित्र में दर्शाई गई व्यवस्था में बल्ब नहीं जलता। इसका संभावित कारण हो सकता है कि बीकर में विद्युत अपघट्य न हो। ग्लूकोज विलयन, एल्कोहल अथवा आसुत जल विद्युत का चालन नहीं करते। यह भी हो सकता है कि विद्युत धारा दुर्बल हो इसलिए LED का उपयोग किया जा सकता है जो दुर्बल विद्युतधारा प्रवाहित होने पर भी दीप्त होता है।
प्रश्न 5. दो द्रवों A तथा B में विद्युत चालन की जाँच करने के लिए एक संपरिक्षक का प्रयोग किया गया। यह देखा गया कि संपरिक्षक द्वारा द्रव A के लिए चमकीली दीप्ति हुआ जबकि द्रव B के लिए मंद दीप्ति हुआ। आप निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि
(i) द्रव A, द्रव B से अच्छा चालक है।
(ii) द्रव B, द्रव A से अच्छा चालक है।
(iii) दोनों द्रवों की चालकता समान है।
(iv) द्रवों की चालकता के गुणों की तुलना इस प्रकार नहीं की जा सकती।
उत्तर— (i) द्रव A, द्रव B से अच्छा चालक है।
प्रश्न 6. क्या शुद्ध जल विद्युत का चालन करता है? यदि नहीं, तो इसे चालक बनाने के लिए हम क्या कर सकते हैं?
उत्तर— शुद्ध जल विद्युत का चालन नहीं करता है। इसका चालक बनाने के लिए इसमें कुछ बूंदें तनु सल्फ्यूरिक अम्ल को मिला देना चाहिए।
प्रश्न 7. आप अपने घर में मुख्य विद्युत आपूर्ति से पहले जल की टंकी (पंप) का उपयोग करने से पहले उस समय की मुख्य विद्युत आपूर्ति को बंद कर देते हैं। व्याख्या कीजिए कि ऐसा क्यों करते हैं।
उत्तर— पानी विद्युत का सुचालक होता है। विद्युत के झटके से बचने के लिए कार्यरम्भ से पहले मुख्य विद्युत आपूर्ति को बंद कर देते हैं।
प्रश्न 8. तटीय क्षेत्र में रहने वाला एक चालक अपने संपरिक्षक में पीने के पानी तथा समुद्र के पानी का परीक्षण करता है। वह देखता है कि समुद्र के पानी के लिए चुंबकीय सुई अधिक विचलन दिखाती है। क्या आप इसके कारण की व्याख्या कर सकते हैं?
उत्तर— समुद्र के पानी में लवण घुले होते हैं। अतः समुद्र का पानी विद्युत का सुचालक होता है अर्थात उसमें विद्युत धारा प्रवाहित होती है। इसके विपरीत पीने का पानी शुद्ध हो सकता है। इसलिए समुद्र के पानी में विद्युत धारा अधिक प्रवाहित होती है, अतः चुंबकीय सुई अधिक विचलन दिखाती है।
प्रश्न 9. क्या तेज वर्षा के समय किसी लाइनमैन के लिए घरों की मुख्य लाइन के विद्युत तारों की मरम्मत करना सुरक्षित होता है? व्याख्या कीजिए।
उत्तर— नहीं। तेज वर्षा के समय किसी लाइनमैन के लिए घरों की मुख्य लाइन के विद्युत तारों की मरम्मत करना सुरक्षित नहीं होता है क्योंकि जल विद्युत का चालक है। लाइनमैन को विद्युत का झटका लग सकता है।
प्रश्न 10. पहले ने सुना था कि वर्षा का जल उतना ही शुद्ध है जितना कि आसुत जल। इसलिए उसने एक स्वच्छ बीकर में वर्षा का जल एकत्रित करके संपरिक्षक से उसका परीक्षण किया। उसने देखा कि चुंबकीय सुई विचलित दिखाती है। इसका कारण क्या हो सकता है?
उत्तर— यह सत्य है कि वर्षा का जल उतना ही शुद्ध है जितना कि आसुत जल। परंतु वर्षा का जल, वायुमंडल में उपस्थित अशुद्धियों जैसे कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड आदि घोल लेता है जो कि वर्षा के जल को चालक बना देते हैं। इसलिए संपरिक्षक से परीक्षण करने पर चुंबकीय सुई विचलित दिखाती है।
प्रश्न 11. अपने आस-पास उपलब्ध विद्युतलेपित वस्तुओं की सूची बनाइए।
उत्तर— विद्युतलेपित वस्तुओं की सूची निम्नलिखित है—
-
स्नानघर की टोंटी, गैस बर्नर तथा साइकिल के रिम आदि पर क्रोमियम का लेपन किया जाता है।
-
आभूषण बनाने वाली सस्ती धातुओं पर चाँदी तथा सोने का विद्युतलेपन करते हैं।
-
लोहे के ऊपर टिन का विद्युतलेपन करते हैं।
-
बर्तनों, लोहे की बाल्टी पर जिंक की परत चढ़ाई कर दी जाती है।
-
स्टील के चम्मच आदि।
प्रश्न 12. जो प्रक्रिया आपने पाठ्यपुस्तक के क्रियाकलाप 14.7 में देखी वह कॉपर के शोधन में उपयोग होती है। एक पतली शुद्ध कॉपर छड़ एवं एक अशुद्ध कॉपर की छड़ को इलेक्ट्रोड के रूप में उपयोग करते हैं। इन्हें बैटरी के कौन-कौन से इलेक्ट्रोडों से जोड़ा जाता है? कारण भी लिखिए।
उत्तर— अशुद्ध कॉपर की छड़ जो कि ऐनोड का कार्य करती है, उसे बैटरी के धन टर्मिनल से संयोजित किया जाता है। कॉपर सल्फेट में विद्युत प्रवाहित करने पर ऐनोड की अशुद्धियाँ नीचे गिर जाती हैं और शुद्ध कॉपर कैथोड पर जमा हो जाती है।
प्रश्न 13. नई साइकिल का हैंडल एवं पहिया का रिम चमकता है। अगर दुर्घटनावश इनमें खरोंच आ जाए तो क्या होगा?
उत्तर— क्रोमियम का लेप होने के कारण नई साइकिल का हैंडल एवं पहिया का रिम चमकता है। खरोंच आने से क्रोमियम की परत हट जाएगी और नीचे की मुख्य धातु दिखने लगेगी जिससे चमक कम हो जाएगी।

.png)

