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| Class 8 Hindi Vasant Chapter 4 – भगवान के डाकिए सभी प्रश्न उत्तर |
Class 8 Hindi Vasant Chapter 4 भगवान के डाकिए – सभी प्रश्न उत्तर
Class 8 Hindi Vasant Chapter 4 – भगवान के डाकिए के सभी महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर इस पोस्ट में सरल और आसान भाषा में दिए गए हैं। यह पाठ कक्षा 8 हिन्दी की परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है। यहाँ विद्यार्थियों को भगवान के डाकिए के प्रश्न उत्तर, पाठ से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न, भावार्थ तथा परीक्षा उपयोगी सामग्री एक ही जगह मिलेगी।
भगवान के डाकिए सभी प्रश्न उत्तर
अभ्यास प्रश्न
कविता से (पृष्ठ संख्या 20)
प्रश्न 1. कवि ने पक्षी और बादल को भगवान के डाकिए क्यों बताया है ? स्पष्ट कीजिए |
उत्तर - कवि ने पक्षी और बादल को भगवान के डाकिए इसलिए बताया है, क्योंकि जिस तरह डाकिए लोगों के संदेशों को लेकर यहाँ-वहाँ जाते है, ठीक उसी तरह, ये दोनों भी भगवान के संदेशों को हम तक पहुंचाते है | पक्षी अपने पंखों पर सुगंधित हवा को लेकर एक देश से दुसरे देश जाते है और बादल एक देश के पानी को भाप में बदलकर दुसरे देश में पानी के रूप बरसाते है | इस प्रकार, ये हमें सीमाओं के बंधन का त्याग करने तथा आपसी भाईचारा को अपनाने का संदेश देते है |
प्रश्न 2. पक्षी और बादल द्वारा लाई गई चिट्ठियों को कौन-कौन पढ़ पाते है ? सोचकर लिखिए |
उत्तर - पक्षी और बादल द्वारा लाई गई चिट्ठियों को पेड़-पौधे, पानी और पहाड़ ही पढ़ पाते है, क्योंकि वे ही उनकी भाषा को समझ पाते है। कवी के अनुसार, भगवान का संदेश पूरी प्रकृति में पहुंचता है, परन्तु दुर्भाग्यवश मनुष्य को छोड़कर यह संदेश प्रकृति में सबको समझ में आ जाता है।
प्रश्न 3. किन पंक्तियों का भाव है -
(क) पक्षी और बादल प्रेम, सदभाव और एकता का संदेश एक देश से दुसरे देश को भेजता है।
उत्तर- पक्षी और बादल
ये भगवान के डाकिए है,
जो एक महादेश है
दुसरे महादेश को जाते है,
हम तो समझ नहीं पाते है
लेकिन उनकी लाई चिट्ठियाँ
पेड़-पौधे, पानी और पहाड़ बाँचते है।
(ख) प्रकृति देश-देश में भेदभाव नहीं करती। एक देश से उठा बादल दुसरे देश में बरस जाता है।
उत्तर - एक देश की धरती दुसरे देश को सुगंध भेजती है और वह सौरभ हवा में तैरते हुए पक्षियों की पंखों पर गिरता है।
प्रश्न 4. पक्षी और बादल की चिट्ठियों में पेड़-पौधे, पाहि और पहाड़ क्या पढ़ पाते है ?
उत्तर - पक्षी और बादल की चिट्ठियों में पेड़-पौधें, पानी और पहाड़, भगवान द्वारा भेजा गया प्रेम, समानता और एकता का संदेश पढ़ पाते है। इस संदेश को स्वीकारते हुए, नदी सबको अपना जल देती है, पहाड़ सबको आश्रय देता है और पेड़-पौधे भी सभी को एक सामान रूप से अपने फल-फूल और सुगंध देते है।
प्रश्न 5. एक देश की धरती दुसरे देश को सुगंध भेजती है - कथन का भाव स्पष्ट कीजिए।
उतर - एक देश की धरती दुसरे देश को सुगंध भेजती है इस कथन का भाव यह है की एक देश की धरती दुसरे देश की फूलों की खुशबु के रूप में प्रेम, सद्भाव और एकता का संदेश भेजती है।
भगवान के डाकिए पाठ के महत्वपूर्ण प्रश्न पाठ से आगे (पृष्ठ संख्या 20)
प्रश्न 1. पक्षी और बादल की चिट्ठियों के आदान-प्रदान को आप किस दृष्टि से देख सकते है ?
उत्तर - पक्षी और बादल को चिट्ठियों के आदान-प्रदान को हम प्रेम, सद्भाव, एकता आदि के संदेश के रूप में देख सकते है। प्रेम, समानता, विश्व-बंधुत्व, एकता आदि मानव जाति की भलाई जैसी भावनाएँ भगवान के डाकियों द्वारा एक देश से दुसरे देश को भेजती है। कवि द्वारा इसे ही सुगंध और एक देश की भाप कहा गया है। ईश्वर का संदेश मनुष्य की बनाई सीमाओं में बंध कर नहीं रहा सकता। संसार में भलाई के प्रसार के लिए इसे फैलने देना चाहिए। मानव जाति के लिए ईश्वर का यही सन्देश है।
प्रश्न 2. आज विश्व में कहीं भी संवाद भेजने और पाने का एक बड़ा साधन इंटरनेट है। पक्षी और बादल की चिट्ठियों की तुलना इंटरनेट से करते हुए दस पंक्तियाँ।
उत्तर - आज का युग संचार का युग है, जहाँ संचार के तीव्र साधनों में इंटरनेट ने सबसे प्रमुख स्थान ले लिया है। आज हम कुछ भी सेकंडों में इंटरनेट के माध्यम से अपना संदेश विश्व के किसी भी कोने में बैठे मनुष्य को भेज सकते है, किन्तु यदि इंटरनेट की तुलना पक्षी और बादल की चिट्ठियों से की जाए तो इतनी पवित्रता और निश्छलता के आगे इंटरनेट छोटा ही सिद्ध होता है।
इंटरनेट का जाल सद्भावनाओं के लिए शायद बहुत कम ही प्रयुक्त हो रहा है। इसका ज्यादातर प्रयोग विनाश, घृणा, हिंसा, द्वेष जैसी भावनाएँ फ़ैलाने के लिए किया जा रहा है। इसका कारण यह भी हो सकता है की पक्षियों एवं बादलों के विपरीत इंटरनेट का जन्मदाता मानव है, जिसे अभी भी बहुत कुछ सीखना बाकि है।
प्रश्न 3. हमारे जीवन में डाकिए की भूमिका क्या है ? इस विषय पर दस वाक्य लिखिए।
उत्तर - डाकिया अर्थात डाक लाने वाले की हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। डाकिए चिट्ठी ही नहीं, बल्कि जब राखी, पार्सल, तार या नौकरी के शुभ समाचार लेकर आते है। हम सब उसे देखते ही कितने प्रसन्न हो जाते है।
डाकिए कश्मीर से कन्याकुमारी तक और कच्छ से म्यांमार की सीमा तक संदेश पहुंचाते है। वे आधुनिक समाज की आवश्यकता है। दुर्गम स्थानों पर भी सभी बाधाओं को पार कर डाकिए का पहुंचना बहुत ही सुखद सत्य है। इस प्रकार आधुनिक जीवन में भी डाकिए की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है।
अनुमान और कल्पना (पृष्ठ संख्या 20, 21)
प्रश्न 1. डाकिए, इंटरनेट के वर्ल्ड वाइड वेब (डब्ल्यू.डब्ल्यू.डब्ल्यू. WWW) तथा पक्षी और बादल इन तीनो संवादवाहकों के विषय में अपनी कल्पना से एक लेख तैयार कीजिए। लेख लिखने के लिए आप चिट्ठियों की अनूठी दुनिया पाठ का सहयोग ले सकते है।
उत्तर - डाकिया :- डाकिया खाकी वर्दी पहने, कंधे पर झोला लटकाए एक महत्वपूर्ण व्यक्ति होता है। डाकिया हमें दुसरे स्थानों पर रहने वाले हमारे रिश्तेदारों व मित्रों से जोड़ने का भी काम करता है, क्योंकि वह उनके द्वारा भेजे गए संदेशों को हम तक पहुंचाता है।
डाकिए केवल पत्र ही नहीं बांटते, बल्कि अशिक्षित लोगों को उसे पढ़कर भी सुनाते है तथा उनका पत्र लिखने में मदद करते है। डाकिए का कार्य बड़ा कठिन होता है, क्योंकि वह सुबह से शाम तक चलता ही रहता है। डाकिया कम वेतन पाकर भी अपना काम परिश्रम और लगन के साथ समाप्त करता है। गर्मी, सर्दी और बरसात का सामना करते हुए वह समाज की सेवा करता है।
इंटरनेट के वर्ल्ड वाइड वेब (World Wide Web) :- वर्ल्ड वाइड वेब (World Wide Web) एक सिस्टम है, जो संगठन तथा संबंध स्थापित करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। इसके माध्यम से इंटरनेट फाइल्स, स्रोत तथा सुविधाओं का उपयोग किया जा सकता है। वेब एक इंटरनेट के माध्यम से जुड़े सार्वजानिक वेबपेजों की एक प्रणाली है।
हम अपने संवाद को बड़े ही सुगमता व सुविधाजनक इंटरनेट के माध्यम से भेज व प्राप्त कर सकते है। इंटरनेट संदेश का आज का आधुनिक माध्यम है। इसके द्वारा हम कुछ पलों में ही इंटरनेट के माध्यम से अपना संदेश एक स्थान पर ही नहीं अपितु दुसरे देशों में भी भेज सकते है और इसमे अधिक समय भी नहीं लगता।
पक्षी और बादल :- पक्षी और बादल भी प्रकृति के लिए डाकिए का महत्वपूर्ण कार्य करते है, क्योंकि ये प्रकृति का संदेश एक देश से दुसरे देश तक पहुंचाते है। पक्षी प्रवास करते समय एक देश से दुसरे देश तक पहुँचाते है, जो हम नहीं समझ पाते, परन्तु प्रकृति उसे अच्छी तरह से समझ जाति है। उसी तरह बादल भी एक देश से उठाई गई भाप को दुसरे देश में ले जाकर वर्षा के रूप में बरसा देते है।
S.N. | CLASS 8TH HINDI VASANT ( हिंदी वसंत ) |
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